20 अगस्त अक्षय ऊर्जा दिवस पर विशेष
20 अगस्त अक्षय ऊर्जा दिवस पर विशेष
एक तरफ जहां दुनिया के सभी देश धरती के बढ़ते तापमान को लेकर चिंतित हैं और लगातार इस कोशिश में जुटे हैं कि किस तरह ऐसी ऊर्जा या किसी तकनीक की खोज की जाए जिससे मानव जाति को लाभ भी हो और धरती का तापमान भी सामान्य बना रहे और जहां तक संभव हो सके ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन भी कम हो। देखा जाए तो यह बहुत ही गंभीर विषय है क्योंकि एक बात तो लगभग तय है की जिस तेजी से हमारी पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का हर तरफ से इस्तेमाल हो रहा है उससे आने वाले समय में हमारे परंपरागत ऊर्जा स्रोत खत्म हो जाएंगे और तब हम क्या करेंगे।
ऐसी ही अवस्था को ध्यान में रखते हुए गैरपारंपरिक ऊर्जा की खोज बेहद ही अनिवार्य सा हो गया है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत ऊर्जा, ज्वार-भाटा आदि से प्राप्त ऊर्जा इस तरह की ऊर्जा के मुख्य उदाहरण हैं। इसलिए अक्षय ऊर्जा या नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विकास व प्रयोग आवश्यक है।ऊर्जा का सीधा संबंध पर्यावरण से है, देखा जाए तो ऊर्जा के परम्परागत साधन जैसे की कोयला, गैस, पेट्रोलियम आदि ये सभी बहुत ही सीमित मात्रा में होने के साथ-साथ हमारे पर्यावरण के लिये काफी ज्यादा हानिकारक हैं।
चूंकि आज हम बहुत ही तेज़ी से आधुनिकता की तरफ बढ़ते जा रहे है तो ऐसे में हमे इन सभी संसाधनों का प्रयोग करना ही पड़ता है क्योंकि हमारे पास अन्य कोई विकल्प नहीं है और बतिजा धरती का असामान्य होता तापमान, हर वर्ष तरह तरह के विनाशकारी प्रलय, बदलता मौसम आदि तरह की समस्याएँ हमे देखने को मिलती है। ऐसे में इसके सबसे बेहतर विकल्प है अक्षय ऊर्जा, जो पूरणीय तो हैं ही साथ ही साथ पर्यावरण को भी कोई हानि नहीं पहुंचाते।
अक्षय ऊर्जा का सबसे बड़ा फायदा ये है की आज के समय में हम जिस वैश्विक गर्मी ( Global Warming ) की समयसा से जूझ रहे है उसे सुधारने के लिए शायद ये सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकता है जिसके लिए आज विश्व के कई देश प्रयासरत है जिनमे हमारा भारत भी शामिल है।ऊर्जा का सीधा संबंध पर्यावरण से है, देखा जाए तो ऊर्जा के परम्परागत साधन जैसे की कोयला, गैस, पेट्रोलियम आदि ये सभी बहुत ही सीमित मात्रा में होने के साथ-साथ हमारे पर्यावरण के लिये काफी ज्यादा हानिकारक हैं। चूंकि आज हम बहुत ही तेज़ी से आधुनिकता की तरफ बढ़ते जा रहे है तो ऐसे में हमे इन सभी संसाधनों का प्रयोग करना ही पड़ता है क्योंकि हमारे पास अन्य कोई विकल्प नहीं है और बतिजा धरती का असामान्य होता तापमान, हर वर्ष तरह तरह के विनाशकारी प्रलय, बदलता मौसम आदि तरह की समस्याएँ हमे देखने को मिलती है। ऐसे में इसके सबसे बेहतर विकल्प है अक्षय ऊर्जा, जो पूरणीय तो हैं ही साथ ही साथ पर्यावरण को भी कोई हानि नहीं पहुंचाते।
अक्षय ऊर्जा का सबसे बड़ा फायदा ये है की आज के समय में हम जिस वैश्विक गर्मी ( Global Warming ) की समयसा से जूझ रहे है उसे सुधारने के लिए शायद ये सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकता है जिसके लिए आज विश्व के कई देश प्रयासरत है जिनमे हमारा भारत भी शामिल है।उर्जा को हम ऐसे भी सामझ सकते है, की उर्जा को ना हम पैदा कर सकते है ना ख़तम कर सकते है. उर्जा को सिर्फ़ एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है. उसी प्रकार वायु उर्जा, सौर्या उर्जा, पवन उर्जा, बियो मास उर्जा इनको भी हम बना नही सकते सिर्फ़ एक रूप से दूसरे रूप में बदल सकते है. इन्ही चीजों को Akshay Urja Diwas 2021 में भी बताया जायेगा। ग्लोबल रिपोर्ट के अंतर्गत कहा गया है की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी नेटवर्क 2021 के अनुसार यह अनुमान है कि भारत ऊर्जा बनाने में पांचवी पोजीशन पर है जिस तरह से हम इसको सीरियस ले रहे हैं और काम कर रहे हैं वह दिन दूर नहीं जब हम पूरी दुनिया में ऊर्जा बनाने और उसे इस्तेमाल करने में सबको पछाड़ देंगे इसी के अंतर्गत वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय की सभी छात्रों ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ अन्नू महाजन के नेतृत्व में पोस्टर बनाए तथा लोगों को अक्षय ऊर्जा को बचाने के लिए जागरूक भी किया महाविद्यालय की प्राचार्य ने छात्रों द्वारा की गई इस पहल की सराहना की